कोलारपिंपरी खदान में बायोमेट्रिक हाजिरी पर फिर सवालिया निशान!
‘आउट पंच’ किए बिना कर्मचारी निकलने का आरोप; आरसी कार्यालय में हेल्पर से क्लर्क का काम कराने पर भी सवाल
वणी | प्रतिनिधि
वणी नॉर्थ एरिया अंतर्गत कोलारपिंपरी कोयला खदान में बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कुछ कर्मचारियों द्वारा आरोप लगाया गया है कि कर्मचारी सुबह बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी दर्ज करने के बाद वास्तविक ड्यूटी किए बिना खदान से बाहर निकल जाते हैं। इतना ही नहीं, बाहर जाते समय कुछ कर्मचारियों द्वारा मशीन पर ‘आउट पंच’ भी नहीं किया जाता, ऐसा आरोप है।
बताया जा रहा है कि यदि पिछले एक वर्ष के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की जांच की जाए तो हाजिरी और वास्तविक ड्यूटी के बीच की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। इसलिए कर्मचारियों द्वारा पिछले एक वर्ष का बायोमेट्रिक डेटा, हाजिरी रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट और वेतन रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की जा रही है।
आरसी कार्यालय में हेल्पर से क्लर्क का काम?
इसी मामले में आरसी कार्यालय के कामकाज को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि क्लर्क पद से संबंधित हाजिरी का काम हेल्पर पद पर कार्यरत कर्मचारी से कराया जा रहा है। वहीं कन्वेयर बेल्ट ऑपरेटर को भी उसके निर्धारित कार्य के बजाय आरसी कार्यालय में काम दिए जाने की बात सामने आई है।
हाजिरी कार्यालय कर्मचारियों की उपस्थिति और वेतन से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। ऐसे में पद और जिम्मेदारी के अनुसार कामकाज क्यों नहीं कराया जा रहा, यह सवाल कर्मचारियों द्वारा उठाया जा रहा है। संबंधित कर्मचारी को आरसी कार्यालय में किस आदेश अथवा नियम के तहत जिम्मेदारी दी गई, इसकी जांच की मांग भी की जा रही है।
‘मलाई’ मिलने के आरोप, जांच की मांग
कुछ सूत्रों द्वारा आरसी विभाग में कथित रूप से ‘मलाई’ मिलने के कारण संबंधित कर्मचारी द्वारा पद छोड़ने में आनाकानी किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए आरसी कार्यालय के कामकाज, पदनिहाय जिम्मेदारियों और ड्यूटी आदेशों की निष्पक्ष जांच जरूरी बताई जा रही है।
खान प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल
कुछ कर्मचारियों का आरोप है कि इन कथित अनियमितताओं पर खान प्रबंधन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। नियमित रूप से ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को एक तरफ रखते हुए कुछ लोगों को कथित रूप से विशेष छूट मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी होने की बात कही जा रही है।
अब कर्मचारियों की मांग है कि पिछले एक वर्ष के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, ‘आउट पंच’ का डेटा, हाजिरी रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट, वेतन रिकॉर्ड, आरसी कार्यालय का कामकाज तथा कर्मचारियों की पदनिहाय नियुक्ति की जांच की जाए। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कथित तौर पर ‘आउट पंच’ किए बिना खदान से निकलने और पद के विपरीत कर्मचारियों से आरसी कार्यालय का काम कराने जैसे मामलों की जांच नहीं हुई, तो विजिलेंस विभाग में शिकायत की जाएगी।
हालांकि, इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खान प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।



















