कोलारपिंपरी खदान में बायोमेट्रिक हाजिरी पर सवालिया निशान; एक साल का रिकॉर्ड जांचने की मांग
वणी : वणी नॉर्थ एरिया अंतर्गत कोलारपिंपरी कोयला खदान में बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। आरोप लगाया गया है कि कुछ कर्मचारी बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी दर्ज करने के बाद वास्तविक ड्यूटी किए बिना ही खदान से चले जाते हैं। इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए पिछले एक वर्ष के बायोमेट्रिक हाजिरी के पूरे रिकॉर्ड की जांच की जाए, ऐसी मांग कुछ कर्मचारियों द्वारा की जा रही है।
कुछ कर्मचारियों के आरोप के अनुसार, कुछ लोग सुबह करीब 8 बजे बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी दर्ज करते हैं और उसके कुछ समय बाद ही खदान से निकल जाते हैं। साथ ही खदान से बाहर निकलते समय कुछ कर्मचारी बायोमेट्रिक मशीन पर ‘आउट पंचिंग’ नहीं करते, ऐसा भी आरोप लगाया गया है। एक वर्ष का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड जांचने पर इस तरह के मामलों की वास्तविकता सामने आ सकती है, ऐसा दावा किया जा रहा है।
इस बीच, कोलारपिंपरी खदान के उपक्षेत्रीय प्रबंधक और खान प्रबंधक द्वारा इन कथित मामलों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाए जाने का आरोप भी कुछ कर्मचारियों ने लगाया है। कुछ कर्मचारियों के अनुसार, कथित तौर पर नियमित ड्यूटी नहीं करने वाले कुछ कर्मचारियों को अंतिम महीने में आर.सी. विभाग से संबंधित कामों में वसूली का अवसर दिए जाने के भी आरोप हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
इसी तरह आर.सी. सेक्शन में लिपिक पद का काम हेल्पर पद पर कार्यरत कर्मचारी द्वारा किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा कन्वेयर बेल्ट ऑपरेटर को सीएचपी में ड्यूटी न लगाकर अन्य स्थानों पर काम दिए जाने की बात भी सामने आई है। इन कार्यों के पीछे लागू नियम, आदेश और प्रशासनिक प्रक्रिया की जांच करने की मांग की जा रही है।
नियमित रूप से ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को एक तरफ रखते हुए कुछ कर्मचारियों को कथित तौर पर विशेष छूट दिए जाने से कर्मचारियों में नाराजगी होने की बात कही जा रही है। जिन कर्मचारियों की बायोमेट्रिक में ‘आउट’ हाजिरी दर्ज नहीं है, उनकी उपस्थिति और वेतन किस आधार पर निर्धारित किया जाता है, इसकी भी जांच करने की मांग की गई है।
इस पूरे मामले में पिछले एक वर्ष के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, हाजिरी रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट, वेतन रिकॉर्ड, आर.सी. सेक्शन के कामकाज तथा कर्मचारियों के पद के अनुसार उन्हें दी गई ड्यूटी की जांच की जाए, ऐसी मांग है। इस मामले की विजिलेंस जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग कुछ कर्मचारियों द्वारा की जा रही है।
हालांकि, उपरोक्त सभी आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित कर्मचारियों और खदान प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही इस मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। इसलिए प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाने की अपेक्षा व्यक्त की जा रही है।


















