कोलारपिपरी खदान में बायोमेट्रिक हाजिरी पर सवाल; कुछ कर्मचारियों के ड्यूटी किए बिना चले जाने का आरोप
वणी : वणी नॉर्थ एरिया की कोलारपिपरी कोयला खदान में बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था में अनियमितता होने के आरोप सामने आए हैं। कुछ कर्मचारियों पर आरोप है कि वे खुद को कामगार नेता बताते हुए सुबह करीब 8 बजे बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी दर्ज करते हैं और करीब एक घंटे बाद खदान से चले जाते हैं।
आरोप यह भी है कि कुछ कर्मचारी खदान से निकलते समय बायोमेट्रिक मशीन पर आउट पंचिंग नहीं करते। वहीं, दूसरी ओर कई कर्मचारी नियमित रूप से इन और आउट दोनों हाजिरी दर्ज कर ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। इससे नियमित रूप से काम करने वाले कर्मचारियों में नाराजगी होने की बात सामने आ रही है।
कुछ कर्मचारियों का आरोप है कि ड्यूटी से समय से पहले चले जाने वाले कर्मचारियों को रविवार की ड्यूटी अथवा संडे ऑफ का लाभ भी दिया जाता है, जबकि नियमित रूप से ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को इससे वंचित रखा जाता है। कर्मचारियों का दावा है कि इस कथित अनियमितता की जानकारी संबंधित अधिकारियों को होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
वहीं, बायोमेट्रिक हाजिरी से संबंधित रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि किसी कर्मचारी की बायोमेट्रिक प्रणाली में आउट हाजिरी दर्ज नहीं है, तो उसकी मासिक उपस्थिति और वेतन किस आधार पर तैयार किया जाता है? क्या ऐसे मामलों में हाजिरी रजिस्टर में अलग से एंट्री की जाती है? इसकी जांच की मांग की जा रही है।
इस पूरे मामले में बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, हाजिरी रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट और वेतन संबंधी दस्तावेजों की जांच कर निष्पक्ष विभागीय जांच अथवा विजिलेंस जांच कराने की मांग कुछ कर्मचारियों द्वारा की जा रही है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए संबंधित कर्मचारियों और खदान प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। खदान प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।



















