कोयले की काली दलाली! रिपोर्ट बदली, WCL को ₹32.33 करोड़ की चपत; दो अधिकारियों पर FIR
कोयले की गुणवत्ता जांच में कथित अनियमितता, गिट्टीखदान पुलिस ने शुरू की जांच
नागपुर | प्रतिनिधि
वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) को कथित रूप से ₹32.33 करोड़ का आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले कोयला गुणवत्ता जांच घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुंबई की एक निजी कंपनी के अधिकारियों ने कोयले की गुणवत्ता जांच में गंभीर अनियमितताएं करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को रिपोर्ट में कम गुणवत्ता का दर्शाया, जिससे कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, WCL की विभिन्न खदानों से बड़ी संख्या में कोयले के नमूने लिए गए थे। आरोप है कि सभी नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराने के बजाय केवल सीमित नमूनों की जांच कराई गई और उसी के आधार पर पूरी खेप की गुणवत्ता रिपोर्ट तैयार कर दी गई। इससे कोयले की वास्तविक गुणवत्ता कम दर्ज हुई और उसके मूल्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
शिकायत के आधार पर नागपुर के गिट्टीखदान पुलिस थाने में मुंबई स्थित निजी कंपनी के दो अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस कथित घोटाले में केवल दो अधिकारी ही शामिल थे या फिर इसमें अन्य कर्मचारी, अधिकारी अथवा संबंधित व्यक्तियों की भी भूमिका रही है। यदि जांच में और नाम सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह मामला सामने आने के बाद WCL के कोयला गुणवत्ता परीक्षण और निरीक्षण प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
(नोट: यह समाचार उपलब्ध शिकायत और पुलिस द्वारा दर्ज मामले के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक या जांच प्रक्रिया के बाद ही होगी।)


















