वणी नॉर्थ एरिया की उकणी खदान में लिपिकों के तबादलों में भ्रष्टाचार के आरोप, संवेदनशील पदों पर कागजी फेरबदल का खेल?
वणी | आबीद हुसेन
वेकोलि (WCL) के वणी नॉर्थ एरिया स्थित उकणी खदान में लिपिकों (बाबुओं) के तबादलों को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि संवेदनशील पदों पर वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों का वास्तविक तबादला किए बिना केवल कागजों पर आदेश जारी कर नियमों की औपचारिकता पूरी की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खदान प्रबंधक के आदेश पर विभिन्न यूनिटों में लिपिकों के तबादले दर्शाए गए, लेकिन जिन कर्मचारियों के नाम आदेश में बदले गए, वे आज भी अपने पुराने विभाग और उसी टेबल पर कार्यरत हैं। आरोप है कि भविष्य में यदि जांच होती है तो कागजी रिकॉर्ड दिखाकर यह साबित किया जा सके कि कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया था।
जानकारी के अनुसार, वेकोलि के नियमों के तहत आरसी ऑफिस (हाजिरी घर), कांटा घर, डीजल पंप, बारूद घर, मैनेजर पीए जैसे संवेदनशील पदों पर किसी भी कर्मचारी को लंबे समय तक नहीं रखा जाता। सामान्यतः तीन वर्ष से अधिक समय तक एक ही संवेदनशील पद पर कार्यरत रहने की अनुमति नहीं होती।
इसी क्रम में डिस्पैच नंबर 230, दिनांक 21 अप्रैल 2026 के आदेश में मोहन बोबड़े एवं रामनरेश प्रसाद का तबादला कांटा घर से आरसी ऑफिस दर्शाया गया। जबकि आरोप है कि दोनों कर्मचारी पहले से ही आरसी ऑफिस में कार्यरत थे और आज भी वहीं काम कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जब यह मामला मीडिया में सामने आया तो कुछ ही दिनों के भीतर एक और आदेश जारी कर उन्हीं कर्मचारियों को आरसी ऑफिस से कांटा घर में दर्शा दिया गया। सवाल यह भी उठ रहा है कि मोहन बोबड़े को कंप्यूटर संचालन का ज्ञान नहीं होने के बावजूद उन्हें कांटा घर में कैसे पदस्थ किया जा सकता है।
इसी प्रकार सुभाष ताजने को आदेश में डीजल पंप पर पदस्थ दिखाया गया, जबकि आरोप है कि वे भी आज तक आरसी ऑफिस में ही कार्यरत हैं।
इस पूरे मामले की शिकायत मीडिया उपाध्यक्ष इकबाल शेख ने उकणी उपक्षेत्रीय प्रबंधक से की। शिकायत के बाद जब वे मामले की जानकारी लेने उकणी खदान पहुंचे और खदान प्रबंधक वर्मा से जवाब मांगा, तो आरोप है कि उन्होंने संतोषजनक जवाब देने के बजाय अभद्र व्यवहार किया।
अब कुछ कर्मचारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा वर्षों से संवेदनशील पदों पर जमे कर्मचारियों को नियमानुसार हटाने की मांग की है।
फिलहाल सभी की नजरें वणी नॉर्थ के नव नियुक्त महाप्रबंधक श्री मिश्रा पर टिकी हैं। देखना होगा कि वे इन गंभीर आरोपों की जांच कराते हैं या नहीं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।
(नोट : इस समाचार में उल्लिखित आरोप शिकायतकर्ताओं एवं कर्मचारियों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित वेकोलि प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)


















