खदान की एम्बुलेंस पेड़ से टकराई, सामने का हिस्सा जलकर खाक; चालक पर नशे में होने का आरोप
वणी | प्रतिनिधि
वणी नॉर्थ क्षेत्र की कोलार पीपरी खदान की एक एम्बुलेंस रविवार (21 जून 2026) को ब्रह्मणी गांव के समीप पेड़ से टकरा गई। दुर्घटना के बाद एम्बुलेंस के अगले हिस्से में आग लग गई, जिसे फायर ब्रिगेड की मदद से बुझाया गया। इस हादसे में एक बड़ा अनर्थ होते-होते टल गया।
सूत्रों के अनुसार, यह एम्बुलेंस खदान में किसी दुर्घटना या कर्मचारी के घायल होने की स्थिति में आपातकालीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए तैनात रहती है। बताया जा रहा है कि घटना के दिन एम्बुलेंस को ओबी (ओवरबर्डन) सर्वे कार्य के लिए खदान से बाहर भेजा गया था।
सूत्रों का दावा है कि एम्बुलेंस में सर्वे कार्य पर तैनात जनरल मजदूर श्री पिंपळशेंडे भी सवार थे, जिन्हें दुर्घटना में मामूली चोट आई। वहीं एम्बुलेंस चालक विशाल राऊत के बारे में भी सूत्रों ने आरोप लगाया है कि वह कथित रूप से नशे की हालत में वाहन चला रहा था। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खदान में आपातकालीन सेवाओं के लिए रखी गई एम्बुलेंस को खदान से बाहर सर्वे कार्य के लिए किस अधिकारी के आदेश पर भेजा गया? क्या ऐसे कार्य के लिए एम्बुलेंस का उपयोग नियमों के अनुरूप है? यदि दुर्घटना के समय खदान में कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो जाती, तो मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा कैसे मिलती?
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल वेकोलि प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


















