वणी रेल साइडिंग पर सामने आए कथित करोड़ों रुपये के कोयला हेराफेरी प्रकरण में अब एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, रेल साइडिंग से जुड़े इस मामले में लालपुलिया क्षेत्र के एक कथित कोयला प्लॉट पर उतारा गया कोयला बाद में राजूर स्थित एक चुना भट्टे तक पहुंचाया गया और वहां उसकी कथित रूप से विल्हेवाट (निपटान) लगाए जाने की चर्चा क्षेत्र में जोर पकड़ रही है।
हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी सक्षम सरकारी एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन यदि इस दिशा में निष्पक्ष जांच होती है तो पूरे मामले में कई नई कड़ियां सामने आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
लालपुलिया प्लॉट से राजूर तक क्या है कनेक्शन?
सूत्रों का दावा है कि वणी रेल साइडिंग प्रकरण के दौरान लालपुलिया क्षेत्र के एक कांटा परिसर के पीछे स्थित कथित कोयला प्लॉट पर कोयला उतारा जाता था। इसके बाद उसी कोयले को राजूर के एक चुना भट्टे तक पहुंचाकर उसकी विल्हेवाट लगाए जाने की चर्चा है। स्थानीय स्तर पर इस पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग लगातार तेज हो रही है।निष्पक्ष जांच की मांग तेज
नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि लालपुलिया क्षेत्र के कथित कोयला प्लॉट, संबंधित कांटा, राजूर के चुना भट्टे तथा पूरे परिवहन नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति, कंपनी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
(नोट: इस समाचार में उल्लिखित कुछ जानकारियां स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं पर आधारित हैं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभागों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।)


















